Prerak Prasang ( प्रेरक प्रसंग )
प्रेरक प्रसंग किताब पं. सत्यकाम विद्यालंकार द्वारा लिखा गया है। पं. सत्यकाम विद्यालंकार एक क्रांतिकारी लेखक थे।
पं. सत्यकाम विद्यालंकार ने बीसियों मौलिक रचनायें लिखकर हिंदी साहित्य की श्रीवृद्धि की। एवं स्वामी सत्य के सहयोग से चारों वेदों का अंग्रेजी में अनुवाद किया गया।
इस किताब में संसार के लगभग डेढ़ सौ महान व्यक्तियों के अत्यधिक प्रचलित कहानियाँ है जो दिल, दिमाग, हृदय को सहेजने का कार्य करती है।
इस में वेद पुरुष, संत महात्मा, लेखक कलाकार, विदेशी लेखक, भारतीय राजनीतिज्ञ, विदेशी राजनीतिज्ञ, राजा महाराजा के बारे में प्रचलित कहानियाँ है जो सभी के लिए लाभकारी है वो चाहे स्टूडेंट हो या फिर बड़े या बिजनेसमैन सभी के लिए आवश्यक है।
डॉ. राजेंद्रप्रसाद जी के कुछ प्रेरक बातों के बारे में बात करे तो कुछ इस तरह है -
राजेंद्र बाबू का नींद पर जबर्दस्त अधिकार था। सोने और उठने के समय का अंतर कितना ही काम क्यों न हो, वे नियत समय पर उठ जाते। कई बार देखा गया कि किसी दूसरे काम के लिए २० या २५ मिनट रह गए हैं, उसी में आप गहरी नींद में सो गए और जाने के निश्चित समय अथवा काम के दो मिनट पहले उठ गए। उनके साथियों को हमेशा यह डर बना रहता कि शायद समय पर न जग पाए, पर ऐसा अवसर कभी आया ही नहीं कि उन्हें उठाना पड़ा हो। रात्रि - शयन के समय भी एक अजीब बात देखी गई। कितनी ही उलझन और परेशानियां क्यों न हों , पर जब वे सोने जाते, तो सिर्फ नींद को ही अपने पास रहने देते। यह सब संयममय जीवन का ही फल था कि दमे से पीड़ित रहने पर भी उनके शरीर पर उसका असर प्रायः नहीं हो पाया और अपनी उत्तरावस्था में भी उनका शरीर तना हुआ, मासपेशियां कसी हुई और मुँह के दाँत मजबूत रहे। उन्होंने कभी दांत में ब्रश नहीं लगाया बराबर नीम एवं बबूल की दातून ही करते थे।
एक बार राजेंद्र बाबू ने, जब वे राष्ट्रपति थे, अपने जन्मदिन के सवेरे शय्या त्यागते ही अपनी डायरी के पन्ने में लिखा - " मै कितना सौभाग्यशाली हूं कि मुझको देश और समाज की ओर से इतना सम्मान मिला। गुरु के रूप में बापू मिले और धर्मपत्नी के रूप में राजवंशी देवी मिलीं, जिनकी सहायता और सहयोग से ही मै देश की थोड़ी - बहुत सेवा कर सका। अब मुझे कुछ नहीं चाहिए। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि अब मुझे सब चीजों से हटाकर अपनी ओर ले चलें और जब तक यहां रखना हो, आध्यत्मिकता की और ले चलने दें। "
इसी तरह की बहुत सरे महान लोगों के प्रेरक प्रसंग पढ़ने के लिए इस किताब को अवश्य ख़रीदे।








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