गुरुवार, 28 जुलाई 2022

The Power Of Now Book Review

the power of now book

 The Power Of Now 

कैसे अपने वर्तमान को इस्तेमाल करें एवं जिंदगी में तरक्की हाशिल करें। 

The Power Of Now किताब Eckhart Tolle इकहार्ट टोले द्वारा लिखा गया है जो की आप के वर्तमान में जीने के लिए प्रेरित करता एवं सिखाता है। आप कैसे अपने वर्त्तमान को बेहतर तरीके से जी  सकते है , आप कैसे अपने अंदर के द्वंद को मिटा कर आगे बढ़ सकते है, लेखक पास्ट, प्रेजेंट, फ्यूचर,  में बेहतर संबंध बना कैसे बना सकते है पर विस्तार पूर्वक बताते है।  लेखक के अनुसार अगर हमें बहुत सारे दर्द को कम करना है तो हमें वर्त्तमान में रहना सीखना होगा।

 विश्व प्रशिद्ध किताब में बताया है की कैसे हम वर्तन में जी कर और भविष्य को भुला कर बेहतर जिन्दगी जी सकते है।  

द पॉवर ऑफ़ नॉउ बुक रिव्यु

प्रथम चरण हम बहुत आसानी से उठा सकते है क्यों की हम अधिकतर समय अपने बीते हुए कल एवं आने वाले सोच कर परेशान रहते है लेकिन इन दोनों के बीच हम अपने एक अनोखे पल को भी ख़राब कर रहे होते है वो है वर्त्तमान इसलिए वर्त्तमान जरुरी है क्योकि यही हमें आगे बढ़ाएगा, जिसे हम पास्ट कहते है वो भी प्रेजेंट का ही हिस्सा है एवं जो फ्यूचर है वो भी वर्त्तमान का हिस्सा है, इसीलिए अगर हम NOW (वर्त्तमान)  में फोकस करते है तो आगे बढ़ते रहते है।


     "गहराई से महसूस करें कि वर्तमान क्षण ही आपके पास है। 

    वर्त्तमान को अपने जीवन का प्राथमिक फोकस बनाएं।"


 



शुक्रवार, 21 मई 2021

Mastery Book Summary in Hindi

                                                    Mastery Book Summary in Hindi 

Mastery

                                                        निपूर्ण होने की कला

Mastery by Robert Greene Book Review in Hindi 

'' निपूर्ण '' किसी भी फील्ड में '' निपूर्ण ''  कैसे हो पर लिखी गई  किताब  में लेखक ने बड़े ही रोचक तरीके से बताया है कि हमें किसी भी फिल्ड में अवसर कैसे ढूढे एवं उसे कैसे प्राप्त करे। लेखक ने बताया है की आप जिस फील्ड में भी निपूर्ण होना स चाहते है उस से जुड़े लोगो से संपर्क स्थापित करे एवं उन से मदद ले सकते है एवं उन के साथ कुछ कम पैसे या मुफ्त में काम करने का प्रस्ताव रख सकते है।  

यह पुस्तक  किसके लिए है -

-वह जो किसी भी क्षेत्र में नया हो और उसमें अपनी अलग पहचान बनाना चाहता हो।

- जो बहुत सारे फील्ड में थोड़ा - थोड़ा ज्ञान हो।  

- वह छात्र जिसने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद जीवन में रास्ते तलासते है। 

- जो अपने तरीके को बार-बार आजमाने के बाद भी बार-बार असफल होने से निराश है।

लेखक के बारे में

लेखक रोबोटिन ने शारीरिक रोग से घिरे हुए थे फिर भी अपनी पढ़ाई की है, और उनका कहना है कि उन्होंने कम से कम 80 नौकरियां की हैं। वह हमेशा एक अलग मानसिकता के रहें है उन्हें रणनीति, शक्ति और पर्यवेक्षण की सन्निहित पुस्तकों के लिए जाना जाता है। इन पुस्तकों में कई  प्रसिद्ध पुस्तकें भी शामिल हैं, जैसे कि 48 पोविर ऑफ़ लॉज़, द 50 लॉज़, 33 लॉज़ ऑफ़ वॉर, लेखक कहते है की  पंख बनने के किसी भी क्षेत्र में निपूर्ण बनने के के लिए पैदाइसी हुनर की जरुरत नहीं होती है बस जो उस क्षेत्र में मास्टर है उसी के रस्ते को सही तरीके के फॉलो करने पर हम उस फील्ड में मास्टर बन सकते है।  

 अधिकांश लोगों का मानना ​​है कि लियोनाद दा विंची और मोजार्ट जैसे महान जन प्रतिभावान और प्रतिभाशाली पैद थे, जबकि वास्तव में मास्टरी और पैदाइसी टैलेंट के बीच कोई संबंध नहीं है। आपको याद होगा कि आपके स्कूल में कई सुपर इंटेलिजेंट बच्चें  थे, लेकिन आज उन्होंने कोई अकादमिक रिकॉर्ड हासिल नहीं किया, जबकि कई औसत बच्चों ने  अपने जीवन में बहुत ऊंचाईयां छू ली हैं। इस बात को लेखक ने अपनी पुस्तक में एक अंतःक्रियात्मक पर्याप्तता के साथ समझाया है। लेखक बहुत सारे उदाहरण के साथ में बताया है की  मेधावी छात्र सर फ्रांसिस गाल्टन बहुत तेज थे लेकिन आज चार्लस डार्विन सदी के सबसे बड़े वैज्ञानिक मने जाते है।  इसलिए निपूर्णता इस बात पर निर्भर नहीं करता क आप किते इंटेलिजेंट है बल्कि आप किस राह  पर है।  इसी मार्ग की खोज इस पुस्तक में की गई है। लेखक का कहना है कि सफलता प्राप्त करने के लिए उन रास्तों  उन मिस्टेको, गलतियों से होकर गुजरना पड़ता है जिस पर महान लोग गुजरे है। इस लिए आप सब से पहले अपनी रूचि अथवा अपना क्षेत्र पहचाने, फिर उस क्षेत्र में प्रसिक्षण ले, फिर अपने विचारों को एक राह पर केंद्रित करेव्. यह आसान नहीं है लेकिन मुश्किल भी नहीं है जीवन में बहुत उतर चढाव आएंगे लेकिन हमें अपने लक्ष्य को रूचि को क्षेत्र को ध्यान में रख कर  उठाना चाहिए।  
 अपनी रूचि कैसे पहचानें 

बहुत सारे लोगो ने इसी रस्ते पर चल कर सफलता हासिल  किया है इसलिए यह जरुरी है है की भगवान आप को सभी सुविधाओं के साथ पैदा करें  या आपको एक आशाजनक आईक्यू से भरा दिमाग दिया है, आप अपनी  इच्छा, लगन और ऊर्जा से खुद को सफल बना सकते हैं। 

एक इंसान हर क्षेत्र में नहीं आ सकता है, लेकिन हर इंसान एक न एक क्षेत्र में मास्टर जरूर हो सकता है। 

अगर आपने अपने माता-पिता से  इंजीनियरिंग या कानून की पढ़ाई  जैसा कुछ करने के लिए कहा, तो आपके दिमाग में एक और धुन है, लेकिन आप के माता - पिता ने कहा है तो कोई धुन न सुनाई दे मन दुखी हो जाये। इसलिए आपको अपने मन की आवाज को पहचानने की जरूरत है जो आपसे कह रही है कि हां यही वह तरीका है जिससे आप पैदल चलकर शिखर तक पहुंच सकते हैं। आज के सामाजिक दबाव में अपनी आवाज सुनना उतना ही सरल है जितना माता - पिता से चॉकलेट लेना। तो दुनिया को खुश करने के लिए हम दुनिया की भीड़ में क्यों शामिल हो। हर इंसान अपने आप में अनोखा होता है। जब हम अलग है अनोखे है तो पूरी जिंदगी हम बस एक आम आदमी की तरह क्यों जीते हैं, जबकि मुझ में  खास बनने की काबिलियत है। इस लिए दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में अपना कीमती समय और ऊर्जा बर्बाद मत करो, दोस्तों दुनिया से एक कदम आगे बढ़ो। आपका लक्ष्य रातों-रात अमीर या प्रसिद्ध होना नहीं होना चाहिए, कि फिल्ड की सभी छोटी-छोटी बारीकियो को सीखना होना चाहिए। अपने जीवन के उन लम्हो पालो को यद् करो जिस को करने के लिए आप किसी भी हद तक गए हो और उस में आप को आनंद आता हो तो उसे पहचाने एवं आगे बढ़े।  

दोस्तों आप का लक्ष्य शुरुआत में कमाने का नहीं होना चाहिए बल्कि सीखना होना चाहिए अपने तजुर्बे को बढ़ाना होना चाहिए आप को उस क्षेत्र में मास्टर होने के लिए आगे आना चाहिए।  सभी सफल लोगों  ने सफल बनने की क़ीमत को चुकाया है आप को भी चुकाना पड़ेगा जैसे बॉक्सर फेड्रिक रोअच अपन बॉक्सिंग संस्था में मुफ्त में कार्य करने का निर्णय लिया लेकिन उन के इस निर्णय ने उन को महान बना दिया क्यों की उन्होंने उस की कीमत चुकाया और एक ही रस्ते पर आगे बढे। इसलिए जब भी आप इंटर्नशिप या पहली नौकरी के बारे में सोचें तो देखें कि आपको सीखने का माहौल कहां मिलेगा। क्योकि बिना गुरु के ज्ञान बिना सफलता का मार्ग दिशाहीन होता है।अधूरा होता है।  लेकिन आप को केवल शिष्य ही बन कर नहीं रहना है अपनी सूझ -बुझ से इच्छा शक्ति से परचम लहराना होता है।

जीवन में नए प्रयोग करने की आदत डालें।  

क्या आप गुरु के सारे गुण सिखने के बाद सफल हो सकते है जवाब होगा नहीं क्यों की सफलता उस के बाद आप के द्वारा किये गए सुझाये गए उपायों और मेहनत से मिलती है।  फिर उस के बाद क्या करें? 
गुरु से ज्ञान के ले बाद आप बच्चे बन सकते है विभिन्न नामुमकिन से लगने वाले सवालों को इकट्ठा कर सकते है और उसे अपने ज्ञान और कौशल से सुलझा सकते है। आप इनोवेटिव बने अपने दिमागी क्षमताओं को बढ़ाये उस से ज्यादा से ज्यादा काम ले।  एक स्टडी में पाया गया की अगर किसी कार्य को 10,000 घंटों से ज़्यादा कर लेते है तो हमारा दिमाग उस कार्य के प्रति रूचि लेने लगता है और आप मास्टर बनने के 70 प्रतिशत रास्ते को पार कर चुके है।    

इस लिए आप अपने हुनर की इतनी बार अभ्यास करे कि वो आप के दिमाग और शरीर का हिस्सा बन जाये।

लेखक का कहना है कि मास्टरी  का सही अर्थ यह है कि आप जो काम कर रहे हैं, उसे करने के लिए आपके मन और शरीर का ऐसा अनूठा संयोजन होना चाहिए कि दूसरे विचार या सोच का कोई सवाल ही न हो। 

आप के बहुमूल्य समय के लिए धन्यवाद 

मंगलवार, 18 मई 2021

Secrets Book Review in Hindi

SECRET 

मित्रों आप को यह जान कर अत्यंत खुसी होंगी रहस्य किताब बहुत ही प्रचलित किताब है जिस में दुनियाँ के सबसे कामयाब लोगो के बारे में बताया गया है की वे सभी कैसे कामयाब हुए उन सभी के अंदर ऐसा क्या था इस से वे कामयाब हो गए एवं वे कैसे सोचते थे, क्या सोचते थे, और अपनी कल्पनाओँ को कैसे वास्तविकता में बदल सकें थे।

 आप इस किताब को पढ़ कर कैसे अपनी मन चाही जिंदगी जी सकते है मेरी सबसे पसंदीदा किताब में यहीं    किताब है जिस को मई बार बार पढ़ना पसंद करता हु इसे पढ़ कर हमेशा कुछ नया सिखने को मिलता है।  

लोगो के जिंदगी में बहुत सारे चमत्कार होते देखें होंगे कि कोई किसी चीज़ को बहुत ही दिल - दिमांग, सोते - जागते हमेशा उसी चीज़ के बारे में सोचता था एवं आज वो बिलकुल उसी तरह बन कर आप के सामने खड़ा है।  यह क्यों संभव हुआ ? यह संभव हुआ Law of Attraction (लॉ  ऑफ़ अट्रैक्शन ) की वजह से आप इसे मानें या न मानें।  

Rhonda Byrne द्वारा लिखित किताब The Secrets  जिसको  लेखक ने खुद अपने जीवन में उतारा एवं बदलाव देखा एवं महसूस किया और अपनी जिंदगी बदली है।  लेखक ने हर उस कामयाब लोगों से मिली एवं उनके सफल होने के रहस्य के बारे में जाना एवं वीडियो बनाई जो बहुत ही प्रचलित हुई।  

जिस रहस्य को लेखक ने महसूस किया था वो था लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन।  लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन कहता है की जो भी आप सोचते है एवं जिस चीज़ पर अपना ध्यान केंद्रित करते है वही आप का हो जाता है हम उन्ही चीज़ो लोगों  को अपनी तरफ आकर्षित करते है जिन में हमारे सामान तरंगे होती है संसार में विभिन्न प्रकार की ऊर्जा है एवं एवं सभी की अपनी तरंगें है हर ऊर्जा एक निश्चित तरंग पर घूम रहा है, लेखन के अनुसार किसी व्यक्ति की तरंगे उसकी सोच एवं भावना से मापा जाता है और ये उस से जुड़ी तरंगों को आकर्षित करता है।  इसलिए अपने आप को एक ट्रांसमिशन टॉवर की रूप में महसूस कर जो संसार में विचारों की तरंगो को प्रकाशित कर रहा है।  आप अपने विचार एवं भावनाओं  से तरंगों को बदल सकते है और अपने जिंदगी में बहुत सरे लोगो एवं  चीज़ो को आकर्षित कर सकते है। आकर्षण के नियम की वज़ह से ही बहुत सारे लोग अमीर बन जाते है एवं गरीब, गरीब ही रह जाता है कारण स्पष्ट है की गरीब केवल खर्च के बारे में सोचता है एवं अमीर केवल पैसे के बारे में कि कैसे अधिक से अधिक पैसे कमाए जाये।  

 अहसास बनाए जिंदगी  

आप अपने अहसाह को हमेसा पहचाने एवं अच्छे बुरे अहसाह को पृथक करें केवल अच्छे अहसाह ही आप को आप के लक्ष्य तक ले जायेंगे।  


Michal  के अनुसार बहुत सारे नकरात्मक विचार से ज़्यादा शक्तिशाली एक सकारात्मक विचार होता है। और यह बहुत अच्छा है की हम जो चाहते है उसे पाने में टाइम लगता है नहीं तो बहुत परेशानी होती हम जो सोचते अगर वो तुरंत होने लगें जैसे हमने किसी हाथी के बारे में सोचा और वो तुरंत आ जाये तो हम उसे हैंडिल नहीं कर पाएंगे इस लिए इस सृष्टि का एवं लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन का धन्यवाद की इस में टाइम लगता है।  

लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन को फॉलो करने के तीन सीडियां है जिसे हम फॉलो कर सकते है - अपने काम में सफल कैसे हो ?

 Wish - चाह 

                                    

हमें संसार को यह बताना होंगा  की हमें वास्तविक में क्या चाहिए।  जबतक हमें स्पष्ट रूप से पता नहीं होंगा  की हमें क्या चाहिए तब तक हम यूनिवर्स से भी नहीं मांग सकते की हम को क्या चाहिए इस लिए स्पष्ट सोच होना जरुरी है।  

    Believe विश्वास 

दूसरी सीडी है कि आप संसार से जो भी मांग रहें है उस पर विश्वास रखें, इस प्रकार से व्यव्हार करें, बोलें और सोचें की वो सब आप को मिल गया है जो आप ने संसार से माँगा था जी हाँ विश्वास बहुत जरुरी है किसी चीज़ को पाने के लिए। 

Received

प्राप्त करें -   जो आप चाहते है वो आप को मिल गया है और आप बहुत खुश है उसे पाकर आप वो जिंदगी जी रहे है एवं महसूस कर रहे है क्यों की कोई चीज़ जब हमें नहीं मिली होती है तो हमारे भावनाएं अलग होती है एवं जब कोई चीज़ हमारे पास होती है तो भावनाएं अलग होती है तो आप के पास वो चीज़ है एवं आप वो जिंदगी जी रहे है।  ये एक प्रकार का Visualization  है। यो समझ लीजिये की आप मेनू से  आर्डर  है और वो मिलेगा जरूर और मिलने के बाद कैसा ये सोचना जरुरी है।  बल्कि ये बिलकुल अलादीन के चिराग जैसा है बस हमें ये पता होना चाहिए की हमें क्या चाहिए और विश्वास होना चाहिए को वो मिलेगा जरूर। 

हमें हमेसा उसी दिशा में कार्य करना चाहिए जो हमारे चीज़ के तरफ ले जाये जैसे हमें कार चाहिए तो हमें कार के बारे में सोचना चाहिए फिर कौन सी कार चाहिए, कैसी चाहिए, उस कार की टेस्ट ड्राइव करें एवं उसी से जुडी फोटो ले और अपने मस्तिष्क में बना ले।  

  Vision Board 


अपना एक विजन  बोर्ड  तैयार करें - वो सब कुछ उस में   लगाए अपने अनुसार आप का विज़न बोर्ड जरुरी है आप
जो चाहते है एवं जैसा बनना चाहते है उस से जुडी फोटो उस पर लगाए, इस से आप के सोच एवं भावनाओं से निकली तरंगे आप के जैसे तरंगो से मिलायेंगी। 
हमें यह जानने की जरुरत नहीं है की कैसे यूनिवर्स हमें उस चीज़ से मिलाएगा बल्कि हमें बस यह विश्वास होना     चाहिए की वो मिलाएगा वो आप को आप के तरफ जाने वाले मार्ग दिखाया जायेगा एवं आप उस मार्ग पर धीरे धीरे चल कर आप उसे पा सकते है जैसे रत में एक कार ड्राइवर थोड़े से रोशनी से बहुत दूर तक की दूरी तय कर लेता है। आप को लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन को सीधे भावनाओं से जोड़ना होगा।  

The Master Key System के लेखक  (Charles F. Haanel ) कहते है की लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन प्यार का ही दूसरा नाम है इस लिए हमें जो चाहिए उस से प्यार करना होगा।  

    लॉ ऑफ़ मनी - हमें जो भी चाहिए उस के बारे में विश्वास करना होगा की वो हमारे पास है और आप उस को पा     लेंग अमीर लोग हमेशा फ्रीडम के बारे में सोचते है डरते  हमेसा कमाने के बारे में सोचते है।  जैक एक प्रतिष्टि      लेखक एक बार अपने एक नोट पर 1 लाख लिखकर उसे रोज देखते थे फिर जो हुआ उन्हें एक किताब मिली फिर उन्होंने उसे पब्लिश किया एंड वो जल्दी ही उस के करीब थे।  

आप को जो भी मिला है उस का अहसानमंद रहिये उन सब का धन्यवाद कहिये जो आप के लक्ष्य को पाने में आप की मदद किये थे क्यों की बिना इस के आप आपने व्यक्तित्व को नहीं बदल सकते है।  

असा है आप को यह पोस्ट पसंद आया होगा इसी तरह हमारे साथ जुड़ने के लिए आप का दिल से धन्यावाद। 

शुक्रवार, 14 मई 2021

Hyper Focus book review पावर ऑफ़ हैपर फोकस

                पावर ऑफ़ हैपर फोकस (Power Of Hyper Focus )





दोस्तों इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप को फोकस करने में कभी भी परेशानी नहीं होंगी क्योंकि आज आप एक ऐसे अनोखे किताब के बारे में पढ़ने जा रहे है जिसे Chris Bailey (अमेरिकन लेखक एवं उत्पादक कंसलटेंट ) है।  

वो कहते है न समस्या ही अविष्कार की जननी है इसी तरह कुछ Chris Bailey के साथ हुआ Chris Bailey अपने काम में फोकस नहीं कर पते थे फिर उन्होंने निश्चय किया की वे एक ऐसी किताब लिखेंगे जो फोकस न कर पाने वालो की समस्या को दूर कर सके। Chris Bailey  की वाल्वर्ट घूम कर कुछ ऐसे  रिसर्चर से मिले जिन्होंने Focus  and  attention पर सालों रिसर्च किया था और Chris Bailey  ने इन  सभी पर रिसर्च एवं पढ़ने के बाद एक  लगभग २६००० अक्षरों का एक नोट्स तैयार किया फिर उस के बाद एक किताब लिखा हाइपर फोकस  (Hyper Focus). 

आज हम इसी किताब के कुछ महत्वपूर्ण बातों को आप से साझा करेंगे - 

1.ऑटोपायलट मोड बंद करना  Switching off Autopilot Mode

लेखक के अनुसार हमारे 40 % काम हमारी आदतों से होते है इन्हें करने से पहले हमें ज्यादा सोचना नहीं पड़ता जैसे सोते समय mobile  का स्तेमाल करना फ्री समय में सोशल मीडिया का स्तेमाल करना इत्यादि। लेखक कहते है की ऑटो पायलट मोड में मत जिओ क्यों की ये हम से वो कार्य करवाती है जो हमें आगे चलकर हमारे असफल होने का भी काम करता है। रिसर्च से पता चलता है को हमारी आंखे धीरे काम करती है जब हमारा दिमाग कुछ सोच रहा होता है, इस लिए Chris Bailey कहते है की ये दोनों एक  करती है एवं इसे ध्यान में रख कर कार्य को चार प्रकार में बाटतें है।  


 2. The  Limits Of Your Attention 
     टिमोथी विल्सन (Timothy Wilson ) अनुसार मनुष्य का दिमाग अपने आस -पास के वातावरण से प्रति सेकण्ड 11 million bits की जानकारी प्राप्त करता जिसमें ४० बिट्स प्रति सेकंड ही वो इस्तेमाल कर पता है इस का मतलब हमारे दिमाग़ की भी Attention (ध्यान ) की सीमा  है।  अतः हमारा दिमांग एक RAM की तरह है जितना RAM है उतना ही टास्क कर सकते है ज़्यादा टास्क करने पर हैंग होने लगता है। उसी तरह हमारा दिमाग भी है हम एक समय में जितना ज़्यादा टास्क करेंगे उतना कम ध्यान केंद्रित कर पाएंगे जैसे इस पोस्ट को पढ़ते समय आप किसी और पोस्ट के बारे में सोच रहें होंगे या फिर उस के बाद आप को क्या करना है आदि।  इसीलिए लेखक कहते है की एक समय में आप जितने ज्यादा टास्क करेंगे उतने ज़्यादा Unfocused हो जाएंगे और नेगेटिव होते जायेंगे। जैसे आप स्टूडेंट है तो आप का टास्क है पढ़ाई करना लेकिन आप पढ़ाई के साथ में गाना सुनना चाहते है तो आप का ध्यान बट जायेगा इसीलिए अगर आप को अपना अटेंशन बढ़ाना है तो एक समय में एक ही कार्य करे। 

3 .  The Power Of Hyper focus 
    

जब बात  सबसे जरुरी कार्य को करने की तब आप पते है की जितनी कम चीज़ो को आप अटेंशन देते उतने कार्यशील (productive ) आप बनते है। जब हम बहुत सारे बाहरी (external )  Environment  को Intensely
इंटेन्सेली  एक ही चीज़ पर ले आते है तब हम हाइपर फोकस हो जाते है।  

लेखक के अनुसार हाइपर फोकस के चार स्टेजेस होते है 

१. ज़रूरत मंद एवं लाभकारी काम को चुनना जिस पे आप काम करना चाहते है।  

२. बहरी और अंदुरुनी  डिस्ट्रक्शन को खत्म करना 

३. जो कार्य आप ने चुना है उस पर पूरी तरह से समर्पित होना।  

४. लगातार अपना फोकस अपने काम पर वापस लाना जो जरुरी है और जो कर रहे है।  

तो हाइपर फोकस में  जरुरी  और कठिन दिखने वाले टास्क पर अटेंशन बना के रखना होता है। एवं इस को अच्छे  से फॉलो करने के लिए 3 इन्टेंशनल टास्क को चुने जो आप उस दिन करना चाहते है किसी एक काम को करने के पीछे उसके दूसरे और तीसरे को भी करना है इसे करने के लिए आप Timer  सेट करे एवं देखे की आप उस एक घंटे में फोकस था या आप Auto Pilot Mode  में थे। 

४. Taming   Distraction  

    


टीममिंग डिस्ट्रक्शन का मतलब है अपने डिस्ट्रक्शन को अपने हिसाब से नियंत्रित करना एवं अपने काबू में करना।  डिस्ट्रक्शन के कण्ट्रोल में आप नहीं डिस्ट्रक्शन आप के  अधीन होना चाहिए।  



चार तरह के  डिस्ट्रक्शन है - 

१. पहला कष्टप्रद है  और उस पर कण्ट्रोल नहीं है जैसे ऑफिस गेस्ट, सोर-गुल इत्यादि। 

२.  दूसरा हमारे कण्ट्रोल में तो नहीं है लेकिन उस में मज़ा आता है 

३. Annoying  है लेकिन आप उसे कण्ट्रोल कर सकते है।  जैसे ईमेल, कॉल्स, मीटिंग इत्यादि।   

४. कुछ ऐसे टास्क है जिसे करने में मजा आता है लेकिन उसे कण्ट्रोल कर सकते है जैसे न्यूज़ वेबसाइट, सोशल मीडिया, मेसेजिंग etc . 

     लेकिन इन सभी डिस्ट्रक्शन से आप का कोई कण्ट्रोल नहीं रहेगा लेकिन आप इसे कंट्रोल करों।  

     जो आप के कंट्रोल में नहीं है और कष्टप्रद है आप को फोकस के लिए इसे  करना ही होगा।  

    जो आप के कण्ट्रोल में नहीं है लेकिन मज़ा आता है उसे आप एन्जॉय कर सकते हैं। 

    जो आप के कण्ट्रोल में है लेकिन कष्टप्रद है एंड मज़ा आता है उसे आप समय से पहले करने की कोसिस करें।  

 4. Your Brain's Hidden Creative Mode ( दिमाग में छिपी रचनात्मकता )


स्कैटर  फोकस का मतलब है किसी एक चीज़ पर फोकस न करना बल्कि अपने सोच को क्रिएटिव  एवं फ्री रखना  जहा हाइपर फोकस पर अपना फोकस किसी एक चीज़ पर  करतेहै वही स्कैटर फोकस में किसी एक चीज़ पर फोकस न करना। Hyper Focus में हम बाहरी कार्य या चीज़ो पर ध्यान केंद्रित (Focus ) करते है वही स्कैटर फोकस में अपना अटेंशन अपने अंदर करने की कोसिस करते है।  हाइपर फोकस अटेंशन के बारे में वही स्कैटर फोकस नॉन- अटेंशन के बारे में है। 

हमारा मन जहा भूत एवं वर्त्तमान के बारे में सोचने से ज़्यादा भविष्य  के बारे में सोचता है।  हम आम तौर पर त्वरित भविष्य के बारे में सोचते है इस लिए ज़्यादातर समय Planning में बीतता है इसलिए Scatter Focus बुद्धिमत्ता से किसी चीज़ को हल करने ज्यादा सक्क्षम होता है।

1. आप को अपने दिमाग़ को मुक्त छोड़ना होगा एवं जो भी विचार आये उस को लिखिए।  

2 . उस प्रॉब्लम्स को दिमाग में रोक के रखना है जिस को आप हल करना चाहते है।  

3. आप अपने दैनिक कार्य करते समय आये हुए विचार को लिखें। 

6. Recharging Your Attention 

                                            Recharging Mind

जरुरत के अनुसार अच्छी नींद लेना 58 % तक अटेंशन ( ध्यान ) को बढ़ा सकता है  अगर आप काम के बीच में  आराम करते है तो यह आप के Attention  को बढ़ा सकता है और लेखक कहते है की हम मेन्टल हेल्थ को रिचार्ज एवं रिफ्रेश होने के लिए  जितना ज्यादा टाइम देंगे  उतनी ज्यादा एनर्जी हमारे पास होंगी जरुरी कार्य को करने के लिए।  

आप के कार्य के बीच में ऐसे कार्य शामिल हो जिससे आनंद आता हो आप के आदत  में शामिल होने चाहिए एवं कुछ ऐसा जो आप की खुसी से जुड़ा हो परंतू आप के काम से जुड़ा नहीं होना चाहिए।  














 




बुधवार, 12 मई 2021

गाइड टू चाइल्ड केयर Dr. R. K. Anand

                                     गाइड टू चाइल्ड केयर बुक रिव्यु 



डॉ. आर. के. आनंद ( MD. Pediatrics. ) जो कई देशो के सीनियर चाइल्ड स्पेशलिस्ट रह चुके है।  मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में पीडियाट्रिक्स एंड Neonatology डिपार्टमेंट के हेड भी है।  

Indian Family


यह पुस्तक भारतीय माता-पिताओं को गर्भवस्था और शिशु-पालन के बारे में प्रैक्टिकल और आसान जानकारी देती है।  भारत में सभी बच्चों के पालन - पोषण से जुड़ी परंपरागत जानकारियों को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिकतम विकास के साथ जोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।  



इस पुस्तक में बच्चे होने के बारें में सोचने से लेकर बच्चा होने एवं उसके देख - भाल के बारे में विस्तृत जानकारी मिलता है जिस में आप जान सकते है -

  • गर्भवस्था के बारे में 
  • बच्चें के जन्म की योजना 
  • प्रसव - पीड़ा और प्रसव 
  • अस्पताल में नवजात शिशु की देख भाल 
  • नवजात शिशु में सामान्य विविधताएँ 
  • नवजात शिशु की देखभाल बढ़त के वर्ष: सामान्य बढ़त और विकास  
  • टीकाकरण 
  • विभिन्न आयु - चरणों में व्यव्हार 
  • बच्चों की भावनात्मत जरूरतों को समझना एवं पूरा करने का तरीका 
  • नवजात एवं नन्हें शिशु का पोषण 
  • छोटे बच्चों का पोषण 
  • बच्चों की बीमारियां एवं इलाज 
  • आम एलेर्जियाँ 
  • कीड़े - मकोड़े का काटना एवं डंक मारना 
  • हाफना सांस फूलना 
  • आँखों के संक्रमण 
  • समस्याएं -गर्दन दर्द एवं अन्य अंगो की गांठे 
  • सरदर्द पीलिया 
  • आपात स्थितियाँ क्या है 
  • स्वस्थ आदतें 
  • दुर्घटनाओं से बचाव 
  • अस्पताल प्रवास 


ऊपर दिए गए हर विषय को विस्तार से बताया गया है, मेरा मानना है की हर घर में यह किताब होनी चाहिए जिससे की हर घर स्वस्थ एवं समृद्ध के साथ -साथ बच्चें का भविष्य आसान बनाया जा सके।  यह पुस्तक बच्चों के देखभाल कैसे करें को विस्तारपूर्वक बताया गया हैं इस पुस्तक में बच्चें के जन्म से लेकर किशोर अवस्था तक कैसे देखभाल करें, हर अवस्था एवं समयनुसार बच्चों में क्या परिवर्तन होता है और उस समय उस बच्चें को कैसे समझाए की बच्चा बिना किसी पनिशमेंट के मन जाये।  


बच्चों में आध्यात्मिक जुड़ाव भी बहुत जरुरी हो गया है आज बच्चें अध्यात्म को भूल सा गए है जिससे वे बहुत ज्यादा फ़्रस्टेड, निराशावादी एवं नेगेटिव  होते जा रहे है।  इसे बदलना अति आवश्यक है।  
इस पुस्तक में आप के जीवन में स्वाथ्य से जुडी हर प्रश्नो का उत्तर मिल जायेगा वह फिर चाहें गर्भ धारण से लेकर बच्चें को बड़ा करने तक आप के जीवन में आने वाली  हर परेशानी से आप को पहले ही आगाह कर देगा जिस से आप अच्छे निर्णय लेने में कामयाब हो सकें।  

बच्चें के जन्म की योजना 

बच्चें के जन्म की योजना के लिए केवल गर्भवती एवं उस के बच्चे की देखभाल करने से ज्यादा जरुरी है की एक स्त्री की देखभाल उसके बचपन से ही किया जाए। सही उम्र में गर्भ धारण करना बहुत जरुरी है गर्भ धारण करने की सही उम्र 23 से 35 वर्ष है।  बच्चों के जन्म में 2 - 3  वर्ष का अंतर अच्छा माना जाता है जिससे बच्चो का अच्छा मानसिक एवं शारीरिक विकाश हो सके।  
best book for pregnant


गर्भवस्था 
आपका मासिक - चक्र जैसे ही रुके एवं जैसे ही संदेह हो तुरंत डॉ. से मिले एवं डॉ. द्रवारा बताएं गए जाँच एवं सावधानियां जरूर बरते एवं (गाइड टू चाइल्ड केयर ) किताब को जरूर पढ़े।  
गर्भवस्था के दौरान  स्त्रियों में खून की कमी कैल्सियम , आयरन की कमी होना आम बात है इस लिए अपने खाने में कैल्सियम एवं आयरन से भरपूर भोजन करें।  
  
यह पुस्तक में ऐसा लग रहा है की सब कुछ आप को दे दू लेकिन कुछ लिमिटेशन है।  आप यह बुक जरूर पढ़े एवं अपने बच्चे को और परिवार को खुश रखें। 







रविवार, 9 मई 2021

SAVAL HI JAVAB HAI

                         सवाल ही जवाब हैं 

    सवाल ही जवाब हैं, यह पुस्तक हर किसी को जरूर पढ़ना चाहिए क्योकि की इस पुस्तक में यह बताया गया है कि आप को क्या करना है, क्या कहना है और किस तरह से कहना है ताकि आमने - सामने की चर्चा में हाँ सुनने के अधिक अवसर मिल सकें।  

नेटवर्क मार्केटिंग करने वालों के लिए रामबाड बुक है क्यों कि इस में बात कैसे करें के साथ साथ क्या बात करें पर विशेष ध्यान दिया गया है।  

लेखक का दवा है कि  अगर कोई व्यक्ति इस के हर एक शब्द को बिना परिवर्तन के इस्तेमाल करे तो वो अपने सेल्स को ५० गुना बढ़ा सकता है, " अगर आप इस तकनीक को दिल में उतर लें और पहले १४ दिनों तक एक भी शब्द न बदलें तो मैं वादा करता हूँ कि आपको कल्पनातीत परिणाम प्राप्त होंगे।  
लेखक एलन पीज़ कहते है कि ' सफलता एक खेल है - आप जितनी अधिक बार खेलेंगे उतनी ही अधिक बार आप जीतेंगे और जितनी अधिक बार जीतेंगे, उतनी ही अधिक सफलता से आप खेल सकेंगे। ' 

प्रथम अध्याय में पांच नियम बताये गए है जो की वास्तव में अंदर से झकझोर कर रख देते है- 
1 . ज़्यादा लोगों से मिलें 
2 . ज़्यादा लोगों से मिलें 
3 . ज़्यादा  लोगों से मिलें 
4 . औसत के नियम का प्रयोग करें 
5 . अपना औसत सुधारें 
 इस में आप कैसे ज्यादा लोगों से मिल सकते है, उन्हें बुला सकते है, समझा सकते है एवं कैसे औसत का नियम काम करता है और अपना औसत कैसे सुधारें पर विस्तृत में बताया गया है।  लेखक के अनुसार ज़्यादा लोगों से मिलना और मिलते रहना उन में से सेल्स का औसत निकलना और उस को सुधरने पर कार्य करना ही सफलता का पहला रहस्य है।  

दूसरे अध्याय में " किस तरह हाँ तक पहुँचे '' पर बहुत सरे पहलु और नियम को विस्तार से बताया गया है।  
एलन पीज़  इस को समझने के लिए चार कुंजियों की तकनीक का इस्तेमाल करते है। 
 जब आप अपने बिज़नेस के बारे में बात करते हैं तो क्या आपके संभावित ग्राहक आप पर विश्वाश करते हैं ?
  इसका छोटा सा उत्तर है ' नहीं ' क्योंकि हर रक्षात्मक मुद्रा में होते हैं।  
                                
                            " संभावित ग्राहक आपकी हर बात पर आपत्ति उठाएँगे।"       
 
                " आपके संभावित ग्राहक जो आप को बताते हैं ओह वह सब सही होता है। " 

     जब आप चार कुंजियों की तकनीक का प्रयोग करंगे तो आपको संभावित ग्राहक आपको बताएँगे कि वे क्या चाहते हैं, जबकि आप केवल उनकी बात सुनेंगे।  
               वे चार कुंजियाँ है 

     बर्फ पिघलाएँ 
        सही बटन खोजें 
        सही बटन दबाएँ 
        सौदा पक्का करें 

 " हर व्यक्ति दो में से किसी एक कारन से प्रेरित होता है : 
  लाभ प्राप्त करने के लिए या कष्ट से बचने के लिए "
बात कैसे करे क्या करें में सबसे जरुरी है की आप  की आप सामने वाले से वही सवाल पूंछे जिस का जवाब वो विस्तार पूर्वक दें इस से यह होगा की आप अपने ग्राहक को बहुत अच्छे से समझ सकते है।  इसलिए आप पुल का प्रयोग कर सकते है जैसे - 
        अथार्त / यानी, 
        उदहारण के तौर पर........ 
        फिर 
        इसलिए 
        तब आपने 
        इसका मतलब है 
और भी बहुत साडी तकनीकों से आप परिचित हो सकते है।  
आप पुस्तक से किसी के दिमाग को पढ़ सकते है एवं सामने वाले की रूचि को जान सकते है।  

आप को यह पोस्ट कैसा लगा हमें जरूर बताये।  आप का विचार ही हमारी उन्नति है।  






 

प्रेरक प्रसंग Book Review

Prerak prasang

Prerak Prasang ( प्रेरक प्रसंग )


प्रेरक प्रसंग किताब पं. सत्यकाम विद्यालंकार द्वारा लिखा गया है। पं. सत्यकाम विद्यालंकार एक क्रांतिकारी लेखक थे। 

पं. सत्यकाम विद्यालंकार ने बीसियों मौलिक रचनायें लिखकर हिंदी साहित्य की श्रीवृद्धि की।  एवं स्वामी सत्य के सहयोग से चारों वेदों का अंग्रेजी में अनुवाद किया गया।  

इस किताब में संसार के लगभग डेढ़ सौ महान व्यक्तियों के अत्यधिक प्रचलित कहानियाँ है जो दिल, दिमाग, हृदय को सहेजने का कार्य करती  है।  

इस में वेद पुरुष, संत महात्मा, लेखक कलाकार, विदेशी लेखक, भारतीय राजनीतिज्ञ, विदेशी राजनीतिज्ञ, राजा महाराजा के बारे में प्रचलित कहानियाँ है जो सभी के लिए लाभकारी है वो चाहे स्टूडेंट हो या फिर बड़े या बिजनेसमैन सभी के लिए आवश्यक है।  


 डॉ. राजेंद्रप्रसाद जी के कुछ प्रेरक बातों के बारे में बात करे तो कुछ इस तरह है - 

                


राजेंद्र बाबू का नींद पर जबर्दस्त अधिकार था।  सोने और उठने के समय का अंतर कितना ही काम क्यों न हो, वे नियत समय पर उठ जाते।  कई बार देखा गया कि किसी दूसरे काम के लिए २० या २५ मिनट रह गए हैं, उसी में आप गहरी नींद में सो गए और जाने के निश्चित समय अथवा काम के दो मिनट पहले उठ गए।  उनके साथियों को हमेशा यह डर बना रहता कि शायद समय पर न जग पाए, पर ऐसा अवसर कभी आया ही नहीं कि उन्हें उठाना पड़ा हो।  रात्रि - शयन के समय भी एक अजीब बात देखी गई। कितनी ही उलझन और परेशानियां क्यों न हों , पर जब वे सोने जाते, तो सिर्फ नींद को ही अपने पास रहने देते।  यह सब संयममय जीवन का ही फल था कि दमे से पीड़ित रहने पर भी उनके शरीर पर उसका असर प्रायः नहीं हो पाया और अपनी उत्तरावस्था में भी उनका शरीर तना हुआ, मासपेशियां कसी हुई और मुँह के दाँत मजबूत रहे।  उन्होंने कभी दांत में ब्रश नहीं लगाया बराबर नीम एवं बबूल की दातून ही करते थे।  

एक बार राजेंद्र बाबू ने, जब वे राष्ट्रपति थे, अपने जन्मदिन के सवेरे शय्या त्यागते ही अपनी डायरी के पन्ने में लिखा - " मै कितना सौभाग्यशाली हूं कि मुझको देश और समाज की ओर से इतना सम्मान मिला।  गुरु के रूप में बापू मिले और धर्मपत्नी के रूप में राजवंशी देवी मिलीं, जिनकी सहायता और सहयोग से ही मै देश की थोड़ी - बहुत सेवा कर सका।  अब मुझे कुछ नहीं चाहिए।  ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि अब मुझे सब चीजों से हटाकर अपनी ओर ले चलें और जब तक यहां रखना हो, आध्यत्मिकता की और ले चलने दें। "

इसी तरह की बहुत सरे महान लोगों के प्रेरक प्रसंग  पढ़ने के लिए इस किताब को अवश्य ख़रीदे।